मंगलवार, 6 नवंबर 2012

सुपर स्टार को श्रद्धांजली



याद आ रहे है वे दिन ,
जब निराशा और क्रूरता से भरी दुपहरो में ,
माहौल से मुटभेड लेते ,
अँधेरे हाल में ,
हमसब अकेले होते थे |
नायको , प्रतिनायको, खलनायको ,
और उनके स्त्रिरुपो के साथ ,
गुस्सा ,सिसकियाँ और आह भरा करते थे |
ठगों , लुटेरो और जालसाजो ,
की पूंजी से रची गई ,
उस मायावी दुनिया के बाहर आते ही ,
पेसाबखाने की दुर्गन्ध और चिलचिलाती धूप,
हमे फिर उन्ही ठगों ,लुटेरो और जालसाजो ,
की पूंजी से रची गई ,
वास्तविक दुनिया में लाती थी |
सुपरस्टार ...................,
तुम्हारी मौत पर ,
हम वाकई दुखी ,
होना चाहते थे |
लेकिन तमाशे के बीच में ,
विज्ञापनों में घूमती ,
नंगी लडकियों की ,
चुहलबाजियाँ ,
माहौल को संजीदा ,
नही होने दे रहीं थीं |


20-07-2012


कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

जेन जी के द्वन्द

सुबह उठकर चाय बनाने के लिए फ्रिज से दूध निकालते समय देखा कि दूध पर मलाई की एक मोटी परत जमी है, जिसको निकालकर अलग एक बरतन में रखा जिसमें लगात...