सहमते कदमो से बहुत दिनों बाद लिखना सीखने की शुरुआत कर रहा हु । विद्वानों का कहना है की कालजई लेखकों और विश्वप्रसिद्ध रचनाओं को पढने के बाद खुद के लिखने की कसौटी बहुत कड़ी हो जाती है । अपनी कसौटी पर उतरना भी अपने आत्मविश्वास की परीक्षा होती है ।
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जेन जी के द्वन्द
सुबह उठकर चाय बनाने के लिए फ्रिज से दूध निकालते समय देखा कि दूध पर मलाई की एक मोटी परत जमी है, जिसको निकालकर अलग एक बरतन में रखा जिसमें लगात...
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डाक्टर की फुसफुसाहट कमरे से बाहर तैर गयी, च ौथी स्टेज है यह सुनते ही, दुनिया पराई नजर आयी। कर्ज कितना रह गया है, बेटे की पढ़ाई का, बेटी क...
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जनरेटर शांत होते ही, फैले अँधेरे में, पत्तलों पर जूझते कुत्तो की गुर्राहट, सन्नाटे को भंग कर रही है। प्रयोजन के गुणदोष पर, फुसफुसाते ...
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