शनिवार, 28 नवंबर 2015

-मच्छर-


बहुत सी चिन्ताए हैं, 
जो जागती रातों मे,
मच्छरों से जादा भनभनाती हैं।
मसलन..........
बकरी बच्चा कब देगी,
बोया आलू उगेगा कि नही,
खाद असली है कि नकली,
लंगड़ी गाय अब लगेगी कि नही,
बिजली फिर कब आएगी,
नील गाय से चैती बचेगी कि नही,
प्रधान मंत्री जी देश कब आएगें,
मिट्टी का तेल कब बटेंगा,
छोटका फिर दारु पीकर पिटेगा,
आत्महत्या पर कितना मिलता होगा (मुआवजा),
बिजली वाले छापा तो नही मारेगें,
ठेकेदरवा कब्भौं फंसेगा कि नही,
बड़की माई की तेरही में कितने खाएगें,
छोटकी के तिलक में कितने जने जाएगें,
इलेक्शन फिर कब आएगें,
अबकी गेंहू बोएं कि बारुद।

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