मंगलवार, 14 जून 2016

-चक्र-


नेता को,
फौज चाहिए।
फौज को,
राज्य चाहिए।
राज्य को,
देश चाहिए।
देश को,
हथियार चाहिए।
हथियार को,
दुश्मन चाहिए।
दुश्मन को,
खून चाहिए।
खून को,
उपदेश चाहिए।
उपदेश को,
जन्नत चाहिए।
जन्नत को,
दोजख चाहिए।
दोजख को,
धरती चाहिए।
धरती को,
चांद चाहिए।
चांद को,
रोटी चाहिए।
रोटी को,
नींद चाहिए।
नींद को,
सपने चाहिए।
सपनों को,
फिर नेता चाहिए।

1 टिप्पणी:

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