विकास
मुल्क राजपरिवार के साथ कुछ खुशनुमा पल और कुछ दुखद यादों को संजोते हुए आगे निकल चुका था । वर्ष 92-93 मे ब्लाक आफिस मे बैठकर गर्मी की दोपहर काटने के लिए कुछ साथी कर्मचारियों के साथ विविध विषयों पर टाइम पास होता रहता था । ऐसे ही एक व्यक्तित्व के साथ मेरा कुछ समय बीतता था, विभाग के पुराने कार्यकर्ता थे । सम्भवतः प्रथम पंचवर्षीय योजना से ही ग्रामीण विकास से जुड़े थे और फोर्ड फाउण्डेशन के सलाहकार (नाम नही याद आ रहा है) के सानिध्य मे कालाकांकर मे ग्रामीण विकास पर फील्ड स्तरीयकाम किया था उन्होने । उनका व्यक्तित्व गुलजार सरीखा था, बस ज्यादा उम्रदराज दिखते थे और दाढ़ी कुछ ज्यादा बढ़ी दिखती थी। कालर विहीन टेरीकाट का सफेद कुर्ता, धोती, तीन फीते वाला चमड़े का चप्पल और हंसते वक्त दांत छोड़ते सिकुड़ते मसूढ़े बताते थे विभाग से विदा लेने के करीब हैं । एक बार ऐसे ही मैने चुहल किया लगभग हरसाल ग्रामीण विकास की विभिन्न योजनाओं मे प्रायः लक्ष्य पूरे होते रहते हैं, लेकिन जमीन पर अपेक्षित कुछ दिखता क्यों नही है। उन्होने ठहाका लगाते हुए एक अनुभव सुनाया । गरीबी हटाओ का दौर था और वे पड़ोस के एक जिले मे किसी ब्लाक मे ग्राम सेवक के पद पर थे । एक नये नवेले जिलास्तरीय विभागीय अधिकारी ने ब्लाक का दौरा किया और ग्रामस्तरीय कार्यकताओं के साथ बैठक लेना शुरु किया । मीटिंग हाल मे धोती कुर्ता पहने, खादी का झोला लटकाए लोगों को देखकर भड़क गए । जैसा कि नौकरशाहों के साथ होता है उनका एकालाप शुरु हुआ, आप लोगों पर गावों मे एक नयी चेतना फैलाने की जिम्मेदारी है लेकिन आपलोग भी यदि कुर्ता धोती मे ही गावों मे जाएगें तो ग्रामवासी कैसे आपकी बात सुनेगें उनको आपमे कोई विशिष्टता तो नजर आनी चाहिए, जिससे ग्रामवासी आपके व्यक्तित्व से प्रभावित हों...... अगली मीटिंग मे मैं आउंगा तो सभी लोग पैण्ट और बुशर्ट मे नजर आने चाहिए । सबने पैण्ट बुशर्ट बनवाया और खादी के झोले को सलाम किया । उन साहब का दुबारा आना तो नही हुआ लेकिन एकाध साल बाद नए साहब का मुआयना लग गया । समीक्षा के साथ उनकी ब्यंगोक्तियां शुरु हुई और कुछ समय बीतते-बीतते भड़क गए । आप लोग गांव मे विकास करने पैण्ट बुशर्ट मे जा रहे हो, ग्रामीण कैसे आपको अपनाएगें, जब आप उनकी वेशभूषा मे नही रहोगे । देखिए अगर गांव मे काम करना है तो गांव वालो की वेशभूषा मे जाओ, जिनको पैण्ट बुशर्ट पहनना है वे किसी और विभाग मे नौकरी तलाश लें......अगली मीटिंग मे सभी लोग कुर्ता धोती या पजामा मे होने चाहिए । हमलोग मीटिंग के बाद घर पहुंच कर अपनी सन्दूकचियों मे कुर्ता, पजामा तलाश रहे थे ।

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