ग्राेक‚ चेट–जीपीटी और डीप सीक से मेरी जिज्ञासा–

पहली शताब्दी से बीसवीं शताब्दी तक चीनभारतरोम अरबतुर्कीपश्चिमी यूरोप तथा अमरीका जैसे देशों का विश्व के सकल घरेलू उत्पाद में अंश के प्रतिशत का विवरण शताब्दीवार बताइए ––

ग्रोक

पहली शताब्दी से बीसवीं शताब्दी तक विश्व के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में विभिन्न क्षेत्रों और देशों के योगदान का सटीक शताब्दीवार डेटा प्रदान करना चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि प्राचीन और मध्यकालीन काल में आर्थिक आंकड़े आधुनिक मानकों के अनुसार व्यवस्थित रूप से दर्ज नहीं किए गए थे। हालांकि, आर्थिक इतिहासकारों जैसे एंगस मैडिसन ने ऐतिहासिक GDP के अनुमानों को पर्चेजिंग पावर पैरिटी (PPP) के आधार पर पुनर्निर्माण करने का प्रयास किया है। इन अनुमानों के आधार पर, मैं आपको एक सामान्य अवलोकन प्रस्तुत कर सकता हूँ, जो इन क्षेत्रों (चीन, भारत, अरब,रोम, तुर्की, पश्चिमी यूरोप, और अमेरिका) के विश्व GDP में योगदान को शताब्दीवार दर्शाता है। यह डेटा सटीक प्रतिशत के बजाय रुझानों और सापेक्ष योगदान पर आधारित है, क्योंकि सटीक आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं।

पहली शताब्दी (1 AD)

  • चीन: हान वंश के अधीन, ~25-30%
  • भारत: गुप्तकाल से पहले, ~20-25%
  • रोम: रोमन साम्राज्य अपने चरम पर, ~20-25%
  • अरब: अभी एकीकृत नहीं, व्यापारिक मार्गों पर निर्भर, ~5% से कम।
  • तुर्की: तुर्क अभी प्रभावी नहीं; यह क्षेत्र रोमन/पार्थियन नियंत्रण में, योगदान नगण्य।
  • पश्चिमी यूरोप: रोमन साम्राज्य का हिस्सा, अलग से ~10-15% (रोम के साथ ओवरलैप)।
  • अमेरिका: स्वदेशी सभ्यताएँ, योगदान नगण्य।

पांचवीं शताब्दी (400-500 AD)

  • चीन: पूर्वी जिन/दक्षिणी-उत्तरी राजवंश, ~20-25%
  • भारत: गुप्त साम्राज्य का स्वर्ण युग, ~25-30%
  • रोम: पश्चिमी रोमन साम्राज्य का पतन, पूर्वी रोम (बीजान्टिन) बचा, ~10-15%
  • अरब: अभी संगठित नहीं, ~5% से कम।
  • तुर्की: तुर्कों का उदय नहीं, क्षेत्र बीजान्टिन नियंत्रण में, नगण्य।
  • पश्चिमी यूरोप: रोम के पतन के बाद गिरावट, ~5-10%
  • अमेरिका: कोई वैश्विक योगदान नहीं।

दसवीं शताब्दी (900-1000 AD)

  • चीन: सोंग वंश की शुरुआत, ~25-30%
  • भारत: चोल और अन्य राजवंश, ~20-25%
  • रोम: बीजान्टिन साम्राज्य के रूप में, ~10-15%
  • अरब: अब्बासिद खलीफा का प्रभाव, ~10-15%
  • तुर्की: सेल्जुक तुर्कों का उदय शुरू, ~5% से कम।
  • पश्चिमी यूरोप: मध्ययुगीन संकट, ~5-10%
  • अमेरिका: माया सभ्यता, योगदान नगण्य।

पंद्रहवीं शताब्दी (1400-1500 AD)

  • चीन: मिंग वंश का चरम, ~25-30%
  • भारत: विजयनगर और अन्य, ~20-25%
  • रोम: बीजान्टिन साम्राज्य का अंत (1453), योगदान ~5% (शुरुआत में) से नगण्य।
  • अरब: ममलूक और इस्लामी शक्तियाँ, ~5-10%
  • तुर्की: उस्मानी साम्राज्य का उदय, ~5-10%
  • पश्चिमी यूरोप: पुनर्जागरण, ~10-15%
  • अमेरिका: एज़्टेक/इंका, योगदान नगण्य।

सत्रहवीं शताब्दी (1600-1700 AD)

  • चीन: किंग वंश की शुरुआत, ~25-30%
  • भारत: मुगल साम्राज्य का चरम, ~20-25%
  • रोम: अब मौजूद नहीं (बीजान्टिन 1453 में समाप्त), योगदान शून्य।
  • अरब: उस्मानी साम्राज्य के हिस्से के रूप में, ~5-10%
  • तुर्की: उस्मानी साम्राज्य का स्वर्ण युग, ~10-15%
  • पश्चिमी यूरोप: औद्योगिक क्रांति से पहले, ~15-20%
  • अमेरिका: औपनिवेशिक शुरुआत, ~1-2%

अठारहवीं शताब्दी (1700-1800 AD)

  • चीन: किंग वंश का चरम, ~30-33%
  • भारत: मुगल पतन और ब्रिटिश प्रभाव, ~20-25%
  • रोम: मौजूद नहीं, योगदान शून्य।
  • अरब: उस्मानी शासन में, ~5%
  • तुर्की: उस्मानी साम्राज्य, ~5-10%
  • पश्चिमी यूरोप: औद्योगिक क्रांति शुरू, ~15-20%
  • अमेरिका: औपनिवेशिक वृद्धि, ~2-5%

उन्नीसवीं शताब्दी (1800-1900 AD)

  • चीन: अफीम युद्ध और पतन, ~15-20% (शुरुआत) से ~5-10% (अंत)।
  • भारत: ब्रिटिश शासन में गिरावट, ~20% (शुरुआत) से ~5-10% (अंत)।
  • रोम: मौजूद नहीं, योगदान शून्य।
  • अरब: उस्मानी प्रभाव में कमी, ~2-5%
  • तुर्की: उस्मानी कमजोरी, ~2-5%
  • पश्चिमी यूरोप: औद्योगिक क्रांति का प्रभाव, ~30-40%
  • अमेरिका: तेज औद्योगिकीकरण, ~10-20% (अंत तक)।

बीसवीं शताब्दी (1900-2000 AD)

  • चीन: गृहयुद्ध और सुधार, ~5% (शुरुआत) से ~15% (अंत)।
  • भारत: स्वतंत्रता और वृद्धि, ~3-5% (शुरुआत) से ~5-7% (अंत)।
  • रोम: मौजूद नहीं, योगदान शून्य।
  • अरब: तेल अर्थव्यवस्था, ~1-3%
  • तुर्की: आधुनिकीकरण, ~1-2%
  • पश्चिमी यूरोप: युद्धों के बाद पुनर्निर्माण, ~25-30% (मध्य) से ~20% (अंत)।
  • अमेरिका: विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था, ~20% (शुरुआत) से ~25-30% (अंत)।

महत्वपूर्ण टिप्पणियाँ:

  1. रोम: पहली से पांचवीं शताब्दी तक रोमन साम्राज्य (और बाद में बीजान्टिन) का प्रभाव था, लेकिन 1453 में उस्मानी विजय के बाद यह समाप्त हो गया।
  2. अरब और तुर्की: मध्यकाल में ये क्षेत्र इस्लामी साम्राज्यों (अब्बासिद, उस्मानी) का हिस्सा थे, जिससे इनका योगदान ओवरलैप करता है।
  3. पश्चिमी यूरोप: रोम के पतन के बाद इसका योगदान अलग से गिना गया, लेकिन औद्योगिक क्रांति के साथ यह तेजी से बढ़ा।
  4. अमेरिका: 15वीं शताब्दी तक वैश्विक अर्थव्यवस्था से अलग-थलग, 17वीं शताब्दी से योगदान शुरू हुआ।
  5. चीन और भारत: 18वीं शताब्दी तक ये विश्व GDP का ~50% से अधिक हिस्सा थे, जो औपनिवेशिक शोषण और औद्योगिक क्रांति के कारण घटा। 

चैटजीपीटी

पहली शताब्दी से बीसवीं शताब्दी तक विभिन्न क्षेत्रों का विश्व सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में योगदान समय के साथ बदलता रहा है। हालाँकि, इस अवधि के लिए सटीक और व्यापक आँकड़े उपलब्ध नहीं हैं, लेकिन कुछ अनुमानों के आधार पर निम्नलिखित जानकारी प्रस्तुत की जा सकती है:

1. पहली से दसवीं शताब्दी:

·         चीन और भारत: प्राचीन काल से ही चीन और भारत की अर्थव्यवस्थाएँ मजबूत थीं। इस अवधि में, ये दोनों देश विश्व GDP में महत्वपूर्ण योगदानकर्ता थे।

·         रोम: प्रथम शताब्दी में रोमन साम्राज्य यूरोप और भूमध्यसागरीय क्षेत्र में प्रमुख शक्ति था, लेकिन पाँचवीं शताब्दी तक इसके पतन के बाद इसका आर्थिक प्रभाव कम हो गया।

·         अरब: सातवीं शताब्दी में इस्लाम के उदय के बाद, अरब साम्राज्य ने व्यापार और विज्ञान में महत्वपूर्ण प्रगति की, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई।

2. ग्यारहवीं से पंद्रहवीं शताब्दी:

·         चीन: सांग और मिंग राजवंशों के दौरान, चीन की अर्थव्यवस्था विश्व में अग्रणी रही।

·         भारत: चोल, दिल्ली सल्तनत और विजयनगर साम्राज्य के समय, भारत की अर्थव्यवस्था भी महत्वपूर्ण थी।

·         पश्चिमी यूरोप: धीरे-धीरे आर्थिक विकास हुआ, विशेषकर पुनर्जागरण काल में।

3. सोलहवीं से उन्नीसवीं शताब्दी:

·         चीन और भारत: अठारहवीं शताब्दी तक, ये दोनों देश विश्व GDP में प्रमुख योगदानकर्ता थे।

·         पश्चिमी यूरोप: औद्योगिक क्रांति के बाद, यूरोपीय देशों का आर्थिक प्रभाव तेजी से बढ़ा।

·         अमेरिका: उन्नीसवीं शताब्दी में संयुक्त राज्य अमेरिका की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ी।

4. बीसवीं शताब्दी:

·         संयुक्त राज्य अमेरिका: बीसवीं शताब्दी में अमेरिका विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया।

·         पश्चिमी यूरोप: यूरोपीय देशों ने भी मजबूत आर्थिक विकास किया।

·         चीन और भारत: बीसवीं शताब्दी के अंत तक, विशेषकर 1980 के बाद, चीन और भारत की अर्थव्यवस्थाएँ तेजी से बढ़ीं।

नोट: उपरोक्त जानकारी ऐतिहासिक अनुमानों पर आधारित है। सटीक आँकड़ों के लिए ऐतिहासिक आर्थिक अध्ययनों और शोध पत्रों का संदर्भ लेना आवश्यक है।

 डीपसीक

विश्व के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में विभिन्न देशों और क्षेत्रों का योगदान समय के साथ बदलता रहा है। यह परिवर्तन आर्थिक, राजनीतिक, सामाजिक और तकनीकी कारकों से प्रभावित होता है। नीचे पहली शताब्दी से बीसवीं शताब्दी तक चीन, भारत, रोम, अरब, तुर्की, पश्चिमी यूरोप और अमेरिका जैसे देशों/क्षेत्रों का विश्व GDP में अनुमानित योगदान (प्रतिशत में) शताब्दीवार दिया गया है। यह डेटा ऐतिहासिक आर्थिक अध्ययनों और अनुमानों पर आधारित है।


हली शताब्दी (1–100 ईस्वी)

  • चीन: ~26%
  • भारत: ~32%
  • रोमन साम्राज्य: ~20%
  • अरब: ~1%
  • तुर्की: ~1%
  • पश्चिमी यूरोप: ~5%
  • अमेरिका: ~0% (अज्ञात)

टिप्पणी: इस समय भारत और चीन विश्व की प्रमुख आर्थिक शक्तियाँ थे, जबकि रोमन साम्राज्य भी एक महत्वपूर्ण आर्थिक केंद्र था।


दसवीं शताब्दी (900–1000 ईस्वी)

  • चीन: ~30%
  • भारत: ~28%
  • रोमन साम्राज्य: ~0% (पतन)
  • अरब: ~10%
  • तुर्की: ~2%
  • पश्चिमी यूरोप: ~8%
  • अमेरिका: ~0% (अज्ञात)

टिप्पणी: इस समय तक रोमन साम्राज्य का पतन हो चुका था, और अरब साम्राज्य एक प्रमुख आर्थिक शक्ति के रूप में उभरा।


पंद्रहवीं शताब्दी (1400–1500 ईस्वी)

  • चीन: ~25%
  • भारत: ~25%
  • अरब: ~5%
  • तुर्की (ओटोमन साम्राज्य): ~10%
  • पश्चिमी यूरोप: ~15%
  • अमेरिका: ~0% (अज्ञात)

टिप्पणी: इस समय तक पश्चिमी यूरोप में पुनर्जागरण और समुद्री खोजों का आरंभ हो चुका था, जबकि चीन और भारत अभी भी प्रमुख आर्थिक शक्तियाँ थे।


सत्रहवीं शताब्दी (1600–1700 ईस्वी)

  • चीन: ~30%
  • भारत: ~25%
  • तुर्की (ओटोमन साम्राज्य): ~8%
  • पश्चिमी यूरोप: ~20%
  • अमेरिका: ~1%

टिप्पणी: इस समय तक पश्चिमी यूरोप का आर्थिक विकास तेजी से हो रहा था, और अमेरिका में यूरोपीय उपनिवेशों की स्थापना शुरू हो चुकी थी।


अठारहवीं शताब्दी (1700–1800 ईस्वी)

  • चीन: ~35%
  • भारत: ~25%
  • तुर्की (ओटोमन साम्राज्य): ~5%
  • पश्चिमी यूरोप: ~25%
  • अमेरिका: ~2%

टिप्पणी: इस समय तक चीन और भारत अभी भी विश्व की प्रमुख आर्थिक शक्तियाँ थे, लेकिन पश्चिमी यूरोप में औद्योगिक क्रांति का आरंभ हो चुका था।


उन्नीसवीं शताब्दी (1800–1900 ईस्वी)

  • चीन: ~17%
  • भारत: ~12%
  • तुर्की (ओटोमन साम्राज्य): ~3%
  • पश्चिमी यूरोप: ~40%
  • अमेरिका: ~15%

टिप्पणी: इस समय तक पश्चिमी यूरोप और अमेरिका ने औद्योगिक क्रांति के कारण अपनी आर्थिक शक्ति में भारी वृद्धि की, जबकि चीन और भारत का योगदान कम हो गया।


बीसवीं शताब्दी (1900–2000 ईस्वी)

  • चीन: ~5% (1950 तक), ~15% (2000 तक)
  • भारत: ~4% (1950 तक), ~5% (2000 तक)
  • तुर्की: ~1%
  • पश्चिमी यूरोप: ~30% (1950 तक), ~20% (2000 तक)
  • अमेरिका: ~30% (1950 तक), ~25% (2000 तक)

टिप्पणी: बीसवीं शताब्दी में अमेरिका और पश्चिमी यूरोप प्रमुख आर्थिक शक्तियाँ बने रहे, लेकिन शताब्दी के अंत तक चीन और भारत का आर्थिक विकास तेजी से होने लगा।


सारांश

  • चीन और भारत: पहली शताब्दी से अठारहवीं शताब्दी तक विश्व GDP में प्रमुख योगदानकर्ता थे, लेकिन उन्नीसवीं और बीसवीं शताब्दी में उनका योगदान कम हो गया।
  • पश्चिमी यूरोप और अमेरिका: उन्नीसवीं और बीसवीं शताब्दी में इन क्षेत्रों ने औद्योगिक क्रांति और तकनीकी विकास के कारण विश्व GDP में प्रमुख योगदान दिया।
  • अरब और तुर्की: इन क्षेत्रों का योगदान मध्यकाल में महत्वपूर्ण था, लेकिन बाद के समय में कम हो गया।

यह डेटा ऐतिहासिक अनुमानों पर आधारित है और विभिन्न स्रोतों में थोड़ा भिन्न हो सकता है।



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